Amir Khusrau की पहेली-3

अमीर खुसरो का जवाब नहीं। देखते हैं आप इस बूझो का क्या जवाब देते हैं??


बनी रंगीली शरम की बात
बे-मौसम आई बरसात
यही अचंभा मुझको आए
खुशी के दिन क्यूं रोती जाए


.. तो क्या है आपका जवाब, टिप्पणी में लिख दीजिए।
ब्लॉग से जुड़ी हर समस्या का हल- हिन्दी ब्लॉग टिप्स

Read More......

Amir Khusrau की पहेली- 2

आज पेश है अमीर खुसरो की एक और बूझो

भीतर चिलमन, बाहर चिलमन
बीच कलेजा धड़के
अमीर खुसरो यूं कहे
वो दो-दो उंगल सरके


बूझिए क्या????


महक जी का जवाब बिल्कुल सही है.. बधाई ! सही जवाब के लिए टिप्पणियां देखें।

Read More......

Amir Khusro की पहेली- 1

सबसे पहले आप सबसे माफी चाहता हूं कि आपके लिए इतने दिनों बाद बूझो लाया हूं। अब कोशिश करूंगा कि नियमित रह सकूं।

पहेलियों की बात करें तो भारतीय इतिहास में अमीर खुसरो का योगदान कभी नहीं भुलाया जा सकता। आज से कुछ उन्हीं की बूझो आपसे पूछता हूं। सही उत्तर टिप्पणी के रूप में दें-

एक गुणी ने ये गुण कीना
हरियल पिंजर में दे दीना
देखो जादूगर का कमाल
डाले हरा, निकाले लाल

तो बूझिए क्या????


इस बूझो का सही जवाब दिया है पवन जी ने और अविनाश जी ने इसकी व्याख्या कर दी है। बधाई! हल जानने के लिए टिप्पणी देखें।

Read More......